“कृष्ण तेरी यमुना मैली हो गई पापियों के पाप धोते-धोते”

by Jan on April 18, 2011

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मथुरा, 2011.04.18 (AU): । “राम तेरी गंगा मैली हो गई, पापियों के पाप धोते-धोते” शो मैन राज कपूर की फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” का यह गीत शायद ही कोई भूला हो। गीत ने पवित्र गंगा के दर्द को बखूबी बयां किया। इस गीत को संगीत दिया था प्रख्यात संगीतकार रविंद्र जैन ने। इस महान संगीतकार ने अब यमुना के लिए भी दर्द महसूस किया है। वह बॉलीवुड से जुड़े कलाकार और फिल्म निर्देशकों के साथ यमुना प्रदूषण मुद्दे को शीघ्र फिल्मी परदे पर संगीत के माध्यम से लाने का सार्थक प्रयास करेंगे।

फिल्म संगीतकार रवींद्र जैन ने यमुना प्रदूषण मुद्दे पर गनुगुनाया, “यमुना हमारी कहे बात ये रोते-रोते… कृष्ण तेरी यमुना मैली हो गई पापियों के पाप धोते-धोते।” बॉलीवुड गलियारों में कालिंदी का दर्द प्रदर्शित करता कोई ऐसा ही नगमा ब्रजवासियों को शीघ्र ही सुनने को मिल सकता है।

ब्रजभूमि फिल्म और रामायण के लिए संगीत देने नाले संगीतकार रवींद्र जैन ने कुछ ऐसा ही भरोसा दिलाया है। लता मंगेशकर संगीत पुरस्कार प्राप्त रवींद्र ने ज्ञानदीप विद्या भारती स्कूल में बातचीत में कहा कि ब्रज और धार्मिक संगीत के प्रति उनकी दीवानगी किसी से छिपी नहीं है।

उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना दोनों बहनों की दशा वर्तमान में बदतर हो चुकी है। राम तेरी गंगा मैली गाने की तरह ही वह यमुना प्रदूषण मुद्दे को भी जीवंत रूप में बॉलीवुड के गलियारों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। साथी संगीतकारों, गीतकारों और निर्देशकों से बातचीत कर इस बारे में कुछ बेहतरीन करने की कोशिश अवश्य करेंगे।

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