May 16, 2012
जीवंत परंपराएं मथुरा में नहीं संस्कृति विभाग का कोई अधिकारी केवल गोवर्धन का मुड़िया पूनो मेला ही बन पाया सरकारी आयोजन कान्हा की नगरी के वाशिंदों में संस्कार कूट-कूट कर भरे हैं, यही कारण है कि यहां आज भी कृष्णकालीन परंपराएं अपने जीवंत रूप में हैं। चाहे बरसाना, नंदगांव की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली हो, [...]
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May 16, 2012
फैशन : तुलसी की कंठी की जगह गले में सज रहे लॉकेट मथुरा: नंदलाल की नगरी के बांकों की पहचान गले में कंठी, बदन पर बगलबंदी और धोती, माथे पर अष्टगंध वाले पीले चंदन का टीका, कानों में सोने के कुंडल, सिर पर लहराती शिखा, कंधे पर सज रहे जनेऊ और हाथ में कड़ा व [...]
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